Friday, October 6, 2023

कथा : स्वर्गीय डाक्टर ललनजी झा रुपौली

 पूज्य गुरुदेव स्वर्गीय डॉक्टर लल्लनजी झा

जन्म स्थान : हटाढ़ रुपौली 

(07-05-1962 -- 26-06-2014)




शिक्षा, अध्यात्म, आ ज्योतिष के क्षेत्र में एहन दुर्लभ आत्मा छलाह जे अपने शिष्य के हृदय आ मन पर अमिट छाप छोड़ैत छलाह | डॉ. ललनजी झा, पूज्य गुरुदेव, एहने प्रकाशक छलाह जिंकर बुद्धि सीमा पार करैत छल | आइ हिनक दिशानिर्देश मे संस्कृत आ सामाजिक शिक्षा गहन क्षेत्र मे दीक्षा पर ध्यान करैत हम अबोध शिष्य गुलशन झा हुनका प्रेम अंधकार स्मरण करैत छी गोर लगैत छी।


स्वर्गीय पूज्य गुरुदेव डॉ. ललनजी झा संस्कृत एवं समाज वैज्ञानिक विद्वान त' विशिष्ट विद्वान आचार्य एवं कुशल ज्योतिषी सेहो छलाह | हुनकऽ बहुआबादी विशेषज्ञ हुनकऽ संरक्षण म॑ रहला के सौभाग्यशाली लोकऽ के जीवन क॑ रोशन केलक अछि।


आध्यात्मिक परंपरा सन परिवार में जन्म लेनिहार, स्वर्गीय पूज्य गुरुदेव, संस्कृत और वैदिक साधनाक संसार में हुनानक यात्रा, कम उम्र में शुरुआत भेल छल। हुनक सहज जिज्ञासा और ज्ञानक पया हुनका एहि प्राचीन विधा सभक पेचिदगी मे गहराई सँउतय लेल प्रेरणा केलकनि। संस्कृत पर हुनक संगीत कोनो विस्मयकारी स कम नहीं छल, आ पवित्र ग्रंथ पर हुनकर आज्ञा कोनो वाद्ययंत्र पर मास्टरो के स्पर्श स मिलैत जुलैत छल |

डॉ. के रूप में एक्टा चॉकलेटी आचार्य ललनजी झा श्रद्धा और विद्वता के दुर्लभ मिश्रण के साथ तंत्र के रहस्यमय क्षेत्र में गहराई एस उतरलाह | हुनकऽ फेल चेलेन कि तंत्र खाली गूढ़ संस्कार न बल्कि आध्यात्मिक देवता अरु आत्मसाक्षात्कार केर गहन मार्ग छैक। हुनक दिशा निर्देशन म॑ बहुत रास साधक क॑ अपनऽ आध्यात्म खोज म॑ धूप अरू दिशा भेटल अछि।


अपन आध्यात्मिक साधना स पूज्य गुरुदेवक ज्योतिष मे विशेषता पौराणिक छल। हुनका एगो विश्वसनीय ज्योतिषी के रूप म प्रतिष्ठा भेटलन। हुनक पाठ मे दर्शन आ दिशानिर्देश पाबी सभ वर्गक लोक हुनकर दिशानिर्देश तकराय छल।


वर्ष 26-06-2014 पूज्य गुरुदेव डॉ. ललनजी झा हमरा लोकनि कें छोड़ि वैकुंठ धाम केर शाश्वत यात्रा पर निकलि गेलाह, एकटा एहन शून्यता छोड़ि जे कहियो पुरा नहि कयल जा सकैत अछि। हुनकऽ भौतिक उपस्थिति चली गेलऽ हेटैक, मुदा हुनकऽ शिक्षा अरु बुद्धि हमारा सनक अबोध के जीवन को रोशन क रहलऽ अछि। 😭


हम हुनका सं संस्कृत आ सामाजिक शिक्षा मे दीक्षा प्राप्त करबाक सौभाग्य प्राप्त केने छी से हुनका लेल स्मृति ज्ञान आ प्रेरणा के खजाना रूप छी। ओ हमरा सभ मे अपन सांस्कृतिक भवन आ पारंपरिक संग आधुनिकताक महत्वपूर्ण महत्व प्रति गहन श्रद्धा उत्तेजन केलनि।


आइ जखन हम सब अपन यात्रा पर गौरव करैत छी वा केतौह सामाजिक मंच पर नेतृत्व करैत छी त अपन पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद सं। एहन महान आत्मा के दिव्य शक्ति शक्ति करैत छी | हुनक विरासत हमारा लोकनि जे संस्कृत श्लोक जपैत छी, बुद्धि प्रदान करैत छी, आ रातिक आकाश में जे तारा देखैत छी, ताहि में जीवित अछि। हमार जीवन पर हनकऽ गहन प्रभाव के लेललऽ हम्म सदैव गुरुजी केन भगवान चयन्ह आरू हनकऽ स्मृति क॑ हमार ज्ञान आरू आध्यात्म के मार्ग प॑ मार्गदर्शक प्रकाश के रूप म॑ संजोबै के काज करब।


जय भगवती😭🙏🙏🙏

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