एहि लेल क्रांति आवश्यक अछि कियाक त एहि तरहे संविधान सेहो देश पर थोपल गेल आ संबद्ध गद्दार के पुरस्कृत कयल गेल !! सत्ता के हस्तांतरण 99 साल तक पट्टा पर भेल छल, ओहो अत्यंत आपत्तिजनक शर्त के संग, आ जाहि में देश एखन धरि फंसल अछि ! हुनकर जिम्मेदारी आब अपनहि कारी अंग्रेज पूर्ण श्रद्धा स पूरा भ रहल अछि !! सरकार सेहो आजादी के बलिदान के आतंकवादी आ गद्दार मानैत अछि !! भारत एखनो ब्रिटेन के उपनिवेश मात्र अछि, राष्ट्र नहि ! केवल अपन "स्वदेशी शासन व्यवस्था" के लागू करला स भारतीय जनता के अनुसार देश में एकटा स्वस्थ, प्रगतिशील, शुभ राजनीतिक पैटर्न के शुरुआत होयत!!सत्ता के निरंकुशता, मनमानी के अंत भ जायत!लोक के धनराशि पानि जेकाँ नेता आ प्रतिनिधि पर खर्च भ रहल अछि मुदा... एकटा स्टॉप होयत !!विचार आ योजना के आधार पर उद्देश्य में सफलता प्राप्त होयत !!सामान्य लोक जागरूक भ रहल छैथ !!संगठनात्मक संरचना के स्थापना भ रहल अछि !!समाज शांति स सांस लेत !कमाल के बात ई जे हर क्षेत्र के कायाकल्प होयत !!
हमर संस्था लेल देश सर्वोपरि अछि। देश के हित में काज करय के संग संग मिथिला हमर माँ अछि, ताहि लेल हमर सबहक उद्देश्य मिथिला फर्स्ट अछि, मैथिली के अधिकार के लेल आवाज बनि क हम सब मिथिला के एकटा नव मिथिला सेना के रूप में क्रांतिकारी परिवर्तन के संग आगू बढ़ेबाक काज करब||
जय मिथिला जय मैथिली जय भारत!!*

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