एक दिन चिंकी को जंगल के रास्ते पर एक सोने का सिक्का पड़ा हुआ मिला। वह बहुत खुश हुई, लेकिन उसने सोचा—
“यह मेरा नहीं है, किसी का खोया हुआ होगा।”
चिंकी सिक्का लेकर जंगल के राजा शेर महाराज के पास पहुँची और बोली,
“महाराज, यह सिक्का मुझे रास्ते में मिला है। कृपया इसके असली मालिक को दे दीजिए।”
शेर महाराज चिंकी की ईमानदारी से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने पूरे जंगल में घोषणा करवाई। थोड़ी देर बाद एक बूढ़ा कछुआ आया और बोला,
“महाराज, यह सिक्का मेरा है। रास्ते में मुझसे गिर गया था।”
शेर महाराज ने कछुए को सिक्का लौटा दिया और चिंकी से कहा,
“तुम बहुत ईमानदार हो। इसके इनाम के रूप में तुम्हें यह मीठा फल और एक छोटा सा घर दिया जाता है।”
चिंकी बहुत खुश हुई और बोली,
“धन्यवाद महाराज! मैं हमेशा ईमानदार रहूँगी।”
🌟 सीख:
ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।