रवि पढ़ना चाहता था, लेकिन किताबें खरीदने के पैसे नहीं थे। वह स्कूल की पुरानी किताबें लेकर पढ़ता और रात को लालटेन की रोशनी में मेहनत करता।
गाँव के लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे—
“पढ़कर क्या करेगा? आखिर मजदूर ही बनेगा।”
लेकिन रवि के सपने बड़े थे।
एक दिन उसने ठान लिया कि हालात चाहे जैसे हों, वह हार नहीं मानेगा। उसने दिन में काम करना शुरू किया और रात में पढ़ाई। कई बार थककर गिर पड़ा, पर फिर उठा।
सालों की मेहनत के बाद रवि ने प्रतियोगी परीक्षा पास की और एक अच्छी नौकरी पा ली।
जब वह पहली बार गाँव लौटा, तो वही लोग जो उसका मज़ाक उड़ाते थे, आज गर्व से उसका नाम लेते थे।
रवि ने साबित कर दिया कि
👉 गरीबी हालात होती है, किस्मत नहीं।
🌟 सीख:
जो इंसान मेहनत से डरता नहीं, सफलता खुद उसके पीछे चलती है।
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