माँ कहती थी—
“बेटी, तू पढ़ ले… मैं सब सह लूँगी।”
सीमा ने दिन-रात मेहनत की और एक दिन डॉक्टर बन गई।
पहली सैलरी से उसने माँ के हाथों की दवा खरीदी।
माँ रो पड़ी…
उसका सपना पूरा हो गया था।
सीख:
माँ की दुआ सबसे बड़ी ताकत होती है।
मिथिला के संस्कृति के संरक्षण हमर सबहक कर्तव्य अछि। कला स ल कए भाषा, पावनि स ल कए परम्परा तक एहि समृद्ध धरोहर कए आगामी पीढ़ी लेल सुरक्षित रखबाक चाही।
13 नवंबर की यह तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि दो दोस्तों की ज़िंदगी की दो अलग-अलग राहों का खूबसूरत साक्ष्य है। समय बदलता है, आदतें बदलती ह...
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